#01
19/01/2025
क्या लिखूँ तुमको अपने प्यार के पहले ख़त में
प्यार के पहले खत मैं तुम्हे क्या लिखूँ
दिल लिखूँ, हमराज लिखूँ, जान लिखूं, जज़्बात लिखूँ,
आगाज़ लिखूँ, अरमान लिखूँ, जींद लिखूँ, या फिर जहान लिखूँ
प्यार के पहले खत मैं तुम्हे क्या लिखूँ
ज़िन्दगी की शुरुवात लिखूँ, खुशियों का आगाज़ लिखूँ
इक मुकम्मल मक़ाम लिखूँ, या अपने अरदास का अंजाम लिखूँ
लिखूँ दिन या मैं रात लिखूँ, या अनकही वो बात लिखूँ
सुर लिखूँ,संगीत लिखूँ या ढलती ज़िंदगी का साज लिखूँ
प्यार के पहले खत मैं तुम्हे क्या लिखूँ
एहसास लिखूँ, कुछ खास लिखूँ,
फूल लिखूँ, बाग़ लिखूँ, या तुममें खुद को आबाद लिखूँ
मेरा आज लिखूँ या तेरा साथ लिखूँ
तेरा प्यार लिखूँ, मेरे कल का आधार लिखूँ
प्यार के पहले खत मैं तुम्हे क्या लिखूँ
चूड़ी लिखूँ, सिन्दूर लिखूँ, श्रृंगार लिखूँ या खुद को तेरे नाम लिखूँ
खुद को तेरा आराम लिखूँ या तुझे अपना सम्मान लिखूं
तुझे सुकून लिखूँ, जुस्तजू लिखूँ, प्यास लिखूँ, या आखिरी आस लिखूँ
प्यार के पहले खत मैं तुम्हे क्या लिखूँ
सोचती हूँ तेरे लिए इक मुख़्तसर अल्फ़ाज़ लिखूँ
अपने प्यार के पहले खत में तुझे अपना संसार लिखूँ
अपने प्यार के पहले खत में खुद को सिर्फ तेरा लिखूँ
अपने प्यार के पहले खत में तुझको सिर्फ मेरा लिखूँ
हाँ अपने प्यार के पहले खत में, कुछ ना लिखूँ
तुम्हारे लिए "मैं" लिखूँ और मेरे लिए 'तुम" लिखूँ
समझ जाना मेरे दो शब्द का मतलब जब
अपने प्यार के पहले खत में मैं सिर्फ"मैं" और "तुम" लिखूँ